मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ग्राम परिवेश

झाकड़ी, 7 सितंबर। देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे एसजेवीएन के 1500 मेगावाट क्षमता वाले नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में उत्पादन क्षमता के अधिकतम दोहन, परिचालन दक्षता और संयंत्र की दीर्घकालिक विश्वसनीयता पर जोर दिया गया है। एसजेवीएन के निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल ने 6 सितंबर को परियोजना का दौरा कर विद्युत उत्पादन, मशीनों की उपलब्धता, अनुरक्षण गतिविधियों, सुरक्षा मानकों और परिचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की।

परियोजना पहुंचने पर परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने उनका पारंपरिक हिमाचली रीति-रिवाज से स्वागत किया। चंदेल ने पावर हाउस, नियंत्रण कक्ष सहित परियोजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण कर संयंत्र की वास्तविक परिचालन स्थिति और उत्पादन व्यवस्था को नजदीक से परखा।

परियोजना प्रमुख ने उन्हें वर्तमान विद्युत उत्पादन, मशीनों की उपलब्धता, अनुरक्षण कार्यों तथा तकनीकी एवं परिचालन पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उत्पादन क्षमता के प्रभावी उपयोग, उपकरणों की विश्वसनीयता, अनुरक्षण की समयबद्धता और आगामी अवधि की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

चंदेल ने अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जल विद्युत परियोजनाओं में उत्पादन के आंकड़ों से आगे बढ़कर सुरक्षा, दक्षता और उपकरणों की विश्वसनीयता को परिचालन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नाथपा झाकड़ी एसजेवीएन की प्रमुख परिसंपत्तियों में शामिल होने के साथ देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

उन्होंने उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और संयंत्र की उत्पादन क्षमता को निरंतर उच्च स्तर पर बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही, अनुरक्षण कार्यों को निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप करने तथा किसी भी स्तर पर परिचालन विश्वसनीयता से समझौता न करने के निर्देश दिए।

दौरे के दौरान पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को ऊर्जा उत्पादन की प्रतिबद्धता के समानांतर रखते हुए निदेशक (परियोजनाएं) ने पौधारोपण किया। उन्होंने चंभु देवता महाराज मंदिर में दर्शन कर परियोजना की सफलता एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की।

नाथपा झाकड़ी जैसे बड़े जल विद्युत स्टेशन के लिए यह दौरा केवल नियमित निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उत्पादन क्षमता, परिसंपत्ति प्रबंधन, सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को एक साथ साधने की एसजेवीएन की कार्यदृष्टि का संकेत भी रहा।

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