मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ ग्राम परिवेश
शिमला : स्वच्छता पखवाड़ा केवल सड़कों, कार्यालयों और परिसरों से कचरा हटाने का अभियान नहीं, बल्कि उन हाथों के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प भी है जो रोजमर्रा की स्वच्छता को संभव बनाते हैं। इसी भावना को जमीन पर उतारते हुए एसजेवीएन लिमिटेड ने स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत अपने कॉरपोरेट मुख्यालय शिमला में ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ आयोजित किया।
शिविर का उद्घाटन एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर निदेशक (परियोजनाएं) राजेश कुमार चंदेल, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज पोरवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि स्वच्छता अभियान को केवल सफाई तक सीमित न रखकर सफाई मित्रों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जोड़ा गया। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा टीम ने सफाई मित्रों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें रक्त परीक्षण, रक्तचाप की जांच और एक्स-रे सुविधा उपलब्ध कराई गई। यह पहल इस बात का संकेत है कि स्वच्छता के पीछे काम करने वाले लोगों का स्वास्थ्य भी उतनी ही गंभीरता का विषय है, जितना स्वच्छ वातावरण।
इसी क्रम में स्वच्छता ही सेवा अभियान में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सफाई मित्रों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। हाउसकीपिंग, सफाई और सहयोगी सेवाओं में बेहतर कार्य करने वालों का अभिनंदन कर उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता दी गई।
एसजेवीएन की यह पहल स्वच्छता पखवाड़े की मूल भावना को महज अभियान, आयोजन और औपचारिकता से आगे ले जाती है। स्वच्छता के लिए श्रम करने वाले हाथों की सेहत की चिंता करना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके योगदान को सम्मान देना ही उस सामाजिक संवेदना को सार्थक करता है, जिसके बिना स्वच्छता का कोई भी अभियान अधूरा है। शिविर के माध्यम से एसजेवीएन ने साफ किया कि स्वच्छता केवल परिसर को साफ रखने का दायित्व नहीं, बल्कि उसे संभव बनाने वाले सफाई मित्रों की गरिमा और कल्याण की जिम्मेदारी भी है।