108 करोड़ से अधिक कल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित
4.77 लाख श्रमिक पंजीकृत, शिक्षा सहायता के तहत 15,536 लाभार्थियों को मिले 46.38 करोड़ रुपये
मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की योजनाएं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। जनवरी 2023 से अब तक बोर्ड विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 108 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित कर चुका है। पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए ई-केवाईसी व्यवस्था, शिक्षा सहायता और योजनाओं के डिजिटल प्रचार-प्रसार जैसी पहल के चलते बोर्ड की कार्यप्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की संभावनाएं भी उभरी हैं।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने नई दिल्ली में भारत सरकार के संयुक्त सचिव आशुतोष ए.टी. पेडणेकर से शिष्टाचार भेंट कर पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान श्रमिकों को आर्थिक सहायता, शिक्षा संबंधी लाभ और अन्य कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
संयुक्त सचिव आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने बोर्ड की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए ई-केवाईसी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने इस व्यवस्था को श्रमिक कल्याण योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में उपयोगी पहल माना।
बोर्ड अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में अब तक लगभग 4.77 लाख निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि करीब एक लाख श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने इस प्रणाली को देशभर में लागू करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे पात्र लाभार्थियों की पहचान अधिक सटीक ढंग से की जा सकेगी और सरकारी सहायता वास्तविक हकदारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बैठक में श्रमिकों की सुविधा के लिए लेबर चौक स्थापित करने तथा इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
शिक्षा सहायता पर 46.38 करोड़ रुपये खर्च
बोर्ड की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कंवर ने बताया कि जनवरी 2023 से अब तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 108 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए जा चुके हैं। शिक्षा सहायता योजना के तहत सर्वाधिक 15,536 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई है। इस मद में 46,38,01,225 रुपये वितरित किए गए हैं। यह सहायता निर्माण श्रमिकों के परिवारों, विशेषकर उनके बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार, डिजिटल लेबर चौक की व्यवस्था तथा उपकर (सेस) संग्रहण से जुड़े कार्यों को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थलों पर एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से योजनाओं की जानकारी आम जनता और पात्र श्रमिकों तक पहुंचाने की पहल भी की जा रही है, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
नेपाल और श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडलों ने भी सराहा मॉडल
नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि बोर्ड की कार्यप्रणाली और कल्याणकारी योजनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। उनके अनुसार, श्रीलंका और नेपाल से आए प्रतिनिधिमंडलों ने बोर्ड की व्यवस्थाओं और योजनाओं की प्रशंसा की तथा अपने देशों में भी इसी तर्ज पर श्रमिक कल्याण योजनाएं लागू करने की संभावनाओं पर बल दिया। यह हिमाचल प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की उपयोगिता को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन में बोर्ड निर्माण श्रमिकों तथा उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। बोर्ड का प्रयास है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे तथा श्रमिकों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।