विकास पर ताला, कर्ज का विस्तार; सुक्खू सरकार ‘लॉकप्रिय-लोनप्रिय’: जयराम
ग्राम परिवेश
रोहड़ू में नेता प्रतिपक्ष का कांग्रेस सरकार पर हमला, बोले—चार साल में हिमाचल को विकास में चार दशक पीछे धकेला; योजनाएं बंद करने से लेकर मित्रों को उपकृत करने तक लगाए आरोप
रोहड़ू/शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रोहड़ू में नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह एवं कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को विकास, वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याणकारी योजनाओं के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं, सरकारी खजाने पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री का ध्यान जनसमस्याओं के बजाय अपनी कुर्सी बचाने पर केंद्रित है। सरकार की कार्यशैली पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विकास कार्यों पर विराम और जनहितकारी संस्थानों पर तालाबंदी के चलते सुक्खू सरकार अब ‘लॉकप्रिय’ और ‘लोनप्रिय’ बनकर रह गई है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस के कुप्रबंधन ने हिमाचल को विकास के मामले में चार दशक पीछे धकेल दिया है और प्रदेश के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपनी छवि चमकाने के लिए विज्ञापनों पर करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रचार पर होने वाला खर्च सरकार की उपलब्धियों का विकल्प नहीं हो सकता। जयराम ठाकुर ने पंचायत चुनावों के नतीजों को कांग्रेस सरकार के प्रति जनाक्रोश का संकेत बताया। उनका दावा था कि प्रशासनिक मशीनरी और सरकारी संसाधनों की मौजूदगी के बावजूद कांग्रेस अपने जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सफलता नहीं दिला सकी। उन्होंने रोहड़ू की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अब उस नेतृत्व को भी याद करने से परहेज कर रही है, जिसके नाम पर पार्टी इस क्षेत्र में लगातार चुनावी सफलता हासिल करती रही। उन्होंने कहा कि रोहड़ू में उमड़ा कार्यकर्ताओं का उत्साह कांग्रेस के लिए राजनीतिक चुनौती का संकेत है और भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में यहां मजबूत प्रदर्शन करेगी।
केंद्र की मदद बनाम प्रदेश का कर्ज
जयराम ठाकुर ने हिमाचल के विकास के लिए एक बार फिर ‘डबल इंजन सरकार’ की जरूरत बताते हुए कहा कि प्रदेश में फोरलेन सड़कों से लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण संपर्क मार्गों के निर्माण तक कई बड़े कार्यों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से प्राप्त धनराशि का समुचित उपयोग विकास और आपदा राहत के बजाय सरकार बचाने तथा अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने में किया जा रहा है। सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रियों के बजाय ‘मित्रों’ के इशारे पर चल रहा है।
उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार की जनहितकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जनमंच, हिमकेयर, सहारा और स्वावलंबन जैसी योजनाओं को बंद करने अथवा उनके बजट पर रोक लगाने से आम लोगों को नुकसान हुआ है। जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में कोई प्रभावी नई जनकल्याणकारी योजना शुरू करने के बजाय पूर्व सरकार की योजनाओं को समाप्त करने में जुटी है। उनके अनुसार, राजनीतिक विरोध के चलते योजनाओं को बंद करना अंततः जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर चोट है।
दुर्गम क्षेत्रों की याद चुनाव के बाद आई
मुख्यमंत्री के हालिया दौरों पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को चार वर्षों तक दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों की सुध नहीं आई, लेकिन पंचायत चुनावों में झटका लगने के बाद अब इन इलाकों की याद आने लगी है। उन्होंने भरमौर जैसे क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री पिछले चार वर्षों में वहां एक बार भी नहीं गए। उन्होंने कहा कि पहाड़ की वास्तविक कठिनाइयों को वही समझ सकता है, जिसने पहाड़ों में चलकर, चढ़कर और उतरकर लोगों की समस्याओं को करीब से देखा हो।
कर्ज के आंकड़ों पर सरकार को घेरा
प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगभग 19,600 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था, जबकि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कर्ज का आंकड़ा करीब 69 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे प्रदेश की वित्तीय सेहत के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया और आरोप लगाया कि सरकार ने कर्ज बढ़ाने के साथ विकास कार्यों को भी गति नहीं दी। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दौरान बढ़ा ऋणभार पिछली छह सरकारों के कुल कर्ज से भी अधिक है।
पंचायत चुनावों के संदर्भ में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव टालने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन भाजपा की ओर से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई कानूनी लड़ाई के बाद चुनाव संपन्न हुए। उन्होंने इसे लोकतंत्र और जनता की जीत बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों ने सरकार के प्रति असंतोष को उजागर किया है। कांग्रेस की गारंटियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी गारंटियां पूरी करने में नाकाम रहने के बाद अब नए जिलों के गठन जैसे मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने रोहड़ू और रामपुर दौरों के दौरान कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और आपसी खींचतान दिखाई देने का भी दावा किया।
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, रोहड़ू की अनदेखी का आरोप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत विश्व की अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था और अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कश्मीर में शांति और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार का भी दावा किया। रोहड़ू के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017 से 2022 के बीच क्षेत्र में करीब 600 करोड़ रुपये के विकास कार्य हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में रोहड़ू सहित कई क्षेत्रों की अनदेखी की जा रही है।
जयराम ठाकुर ने शिमला जिला परिषद में 26 वर्षों बाद भाजपा के सत्ता में आने और कार्यकर्ताओं के उत्साह को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत बताया। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों में रोहड़ू सहित पूरे प्रदेश में भाजपा की जीत का दावा किया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, सांसद सुरेश कश्यप, चौपाल के विधायक बलबीर वर्मा, पूर्व विधायक खुशी राम बालनाहटा, पूर्व प्रत्याशी शशिबाला सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।