ग्राम परिवेश
नाहन, 31 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश पर लगभग ₹45 हजार करोड़ का नया कर्ज चढ़ाने के साथ ही विभिन्न करों और शुल्कों के माध्यम से जनता पर भी करीब ₹45 हजार करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। उन्होंने सवाल किया कि कर्ज और जनता से हुई इस कथित वसूली के बावजूद प्रदेश में विकास कार्यों की स्थिति में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखाई दे रहा है और आखिर जनता का पैसा गया कहां?
जिला भाजपा कार्यालय नाहन में आयोजित प्रबुद्धजन संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और विधानसभा चुनाव का वर्ष नजदीक है। उनके अनुसार, प्रदेश की जनता बढ़ती महंगाई, नए करों और विकास कार्यों की कथित बदहाली से परेशान है तथा सरकार से अपने कार्यकाल का हिसाब मांग रही है।
करों और शुल्कों से बढ़ा आम आदमी पर बोझ
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर पहले ₹7 प्रति लीटर अतिरिक्त वैट लगाया और अब ₹3 प्रति लीटर सेस लगाकर आम उपभोक्ता पर एक और आर्थिक बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि महंगाई से राहत देने के बजाय सरकार नए करों के माध्यम से लोगों की जेब पर लगातार भार बढ़ा रही है।
उन्होंने सीमेंट की प्रत्येक बोरी पर ₹80 अतिरिक्त कर लगाने, बिजली की दरों में वृद्धि से लगभग 16 लाख उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ने तथा एचआरटीसी के किरायों की विभिन्न श्रेणियों में चार गुना तक वृद्धि होने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, इन फैसलों का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ा है।
राशन से शिक्षा तक महंगाई की मार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राशन डिपुओं में मिलने वाली दालों, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। एफिडेविट और एग्रीमेंट से संबंधित स्टाम्प शुल्क बढ़ाकर नागरिकों पर ₹500 से ₹1,000 तक का अतिरिक्त बोझ डाला गया है। वहीं, स्कूलों की फीस में वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना भी कठिन होता जा रहा है।
विकास कार्यों की बदहाली पर उठाए सवाल
डॉ. बिंदल ने कहा कि यदि सरकार ने लगभग ₹45 हजार करोड़ का नया कर्ज लिया है और विभिन्न करों एवं शुल्कों के माध्यम से जनता पर भी करीब ₹45 हजार करोड़ का अतिरिक्त बोझ डाला है, तो इन संसाधनों का उपयोग कहां हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित है। सड़कें बदहाल हैं, स्कूलों में शिक्षकों और कमरों की कमी है तथा अस्पतालों में डॉक्टरों, दवाइयों, जांच और उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्याएं बनी हुई हैं और पशु चिकित्सालयों में भी चिकित्सकों तथा दवाइयों का अभाव है।
भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के लगाए आरोप
भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली में आम जनता के हितों के बजाय राजनीतिक सहयोगियों और मित्रों को लाभ पहुंचाने की प्राथमिकता दिखाई दे रही है। उनका आरोप था कि विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी तरह की राजनीति के चलते सामान्य नागरिकों की समस्याएं पीछे छूट रही हैं।
किसान-बागवानों पर भी आर्थिक दबाव
डॉ. बिंदल ने कथित चूल्हा टैक्स और बढ़े हुए एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों और बागवानों को मिलने वाली सब्सिडी में कटौती तथा कृषि संबंधी सुविधाओं में कमी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी हिमाचल की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन सरकार इन क्षेत्रों से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
पेंशन और स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन समय पर नहीं मिल रही है। हिमकेयर, आयुष्मान भारत और सहारा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवार इलाज और आर्थिक सहायता के लिए परेशान हैं, जबकि सरकार अपने राजनीतिक कार्यक्रमों और प्रचार में व्यस्त है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल का पूरा हिसाब चाहती है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ, विकास कार्यों की स्थिति और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े सवालों को लगातार उठाती रहेगी।