होटल-होमस्टे फुल”

गर्म मौसम से बचने की चाह में देशभर से आए पर्यटकों ने इन हिमालयी घाटियों को फिर से जीवंत कर दिया है। हालांकि गर्मी ने यहां भी दस्तक दी है, लेकिन शाम की ठंडी हवाएं और सुंदर नजारों का आकर्षण पर्यटकों को लौटने नहीं दे रहा।

खुशी राम ठाकुर,
बरोट: हर वर्ष की भांति इस बार भी गर्मी की दस्तक के साथ ही छोटाभंगाल घाटी के रमणीय पर्यटन स्थल मुल्थान, कोठी कोहड़, दयोट, जिरोनाला, बड़ा ग्रां, नलहौता, राजगुंधा, घड़सा तथा चौहार घाटी के बरोट, लपास, टिक्कन, थल्टूखोड़, फुलाधार और झटिंगरी में सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू-कश्मीर सहित हिमाचल के विभिन्न जिलों से हजारों पर्यटक इन ठंडी वादियों में गर्मी से राहत की उम्मीद लिए पहुंच रहे हैं।हालांकि इस बार इन ऊँचाई वाले इलाकों में भी दिन के समय गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है।

अधिकतर पर्यटक दोपहर की धूप से बचने के लिए अपने बुक किए कमरों में विश्राम कर रहे हैं, जबकि शाम होते ही तापमान में कुछ गिरावट आने के बाद वे वादियों में घूमने और ठंडी फिजाओं का आनंद लेने निकलते हैं।इन क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से अधिकतम तापमान 25 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 14 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है।
मंगलवार और बुधवार की देर शाम इन घाटियों में सैर-सपाटे के लिए आए करीब चार से पांच हजार पर्यटकों की करीब एक हजार गाड़ियों के कारण बरोट-घटासनी मुख्य मार्ग सहित अन्य संपर्क सड़कों पर लंबे जाम की स्थिति बनी रही।पर्यटन सीजन के पहले चरण में ही यहां के लगभग सभी होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस और कैंपिंग साइट्स दो से तीन दिन के लिए पूरी तरह बुक हो चुके हैं।

इससे स्थानीय कारोबारियों की आय में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और वे इस अवसर से बेहद प्रसन्न हैं। जानकारी के अनुसार बरोट क्षेत्र में लगभग 15 होटल, 25 होमस्टे, 12 रेस्ट हाउस और 15 कैंपिंग साइट्स संचालित हो रही हैं, जो इन दिनों पूरी तरह पर्यटकों से गुलजार हैं।
बढ़ती भीड़ के चलते बरोट स्थित दुर्गा माता मंदिर के आसपास दिनभर भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक देखे जा रहे हैं। वहीं, बरोट-मुल्थान और लक्कड़ बाजार इलाकों में शाम के समय पर्यटकों की चहल-पहल अपने चरम पर पहुंच जाती है।
