
मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ग्राम परिवेश
किसी विश्वविद्यालय की ऊंचाई केवल उसकी इमारतों, पाठ्यक्रमों या परीक्षाफल से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि वह अपने विद्यार्थियों की प्रतिभा को कितनी दूर तक उड़ान देता है। हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला इसी बदलती तस्वीर का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना की कर्तव्यनिष्ठा से आगे बढ़कर संस्थान और विद्यार्थियों को व्यक्तिगत स्तर पर परखने, उनकी कमियों को तराशने और क्षमताओं को निखारने की सतत साधना अब उपलब्धियों में दिखाई दे रही है। UGC-NET में दस विद्यार्थियों और पूर्व विद्यार्थियों की सफलता इस बात की गवाही है कि HPNLU में शिक्षा अब केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, व्यक्तित्व और वैश्विक दृष्टि को गढ़ने का अभियान बन रही है।
HPNLU के कुल दस छात्रों और पूर्व छात्रों ने UGC-NET परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है। उन्होंने अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और उच्च शिक्षा व शोध के प्रति समर्पण से यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है।
• विक्रमादित्य अग्रवाल (B.B.A. LL.B., बैच 2020–2025) .FM प्रणवी (B.A. LL.B., बैच 2020–2025)
• स्वाति पटवा (LL.M., बैच 2024–2025)
• युगांक शर्मा (B.A. LL.B., बैच 2020–2025)
• आंचल रावल (LL.M., बैच 2024–2025)
• मुदावथ श्रीनू नाइक (B.A. LL.B., बैच 2021–2026)
• अभिषेक वर्मा (LL.M., बैच 2025–2026)
• देवर्षि मालवीय (B.B.A. LL.B., बैच 2018–2023)
• रुग्मा एस. (LL.M., बैच 2023–2024)
• अंजलि रावत (LL.M., बैच 2024–2025)
यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी की अपने छात्रों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध की क्षमता और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सफल उम्मीदवारों को बधाई देते हुए, माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रीती सक्सेना ने उनकी उपलब्धि की सराहना की और कहा कि ऐसी उपलब्धियां कानूनी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में यूनिवर्सिटी की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूत करती हैं। विश्वविद्यालय सभी सफल उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई देता है और उनके भविष्य के शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रयासों में निरंतर सफलता की कामना करता है।