खुद के कार्यकाल में संघ समर्थित पत्रिकाओं को बांटे करोड़ों।
नेशनल हेराल्ड को लेकर भाजपा के लगाए गए आरोप केवल राजनीतिक शिगूफ़ा हैं। भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि उनके अपने कार्यकाल में संघ विचारधारा से जुड़ी पत्रिकाओं को कहीं अधिक आर्थिक सहयोग दिया गया था। यदि वास्तव में लोकतंत्र और पारदर्शिता की बात है, तो सभी सरकारों को समान मानकों से परखा जाना चाहिए – न कि राजनीतिक हितों के अनुसार।

नेशनल हेराल्ड विवाद को लेकर हिमाचल भाजपा के नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने तथ्यों के साथ पलटवार किया है। उन्होंने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्पष्ट कहा कि विपक्ष ने 2.34 करोड़ रुपये के विज्ञापन जारी करने का जो दावा किया है, वह पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है।नरेश चौहान ने भाजपा नेताओं की ओर से पेश किए गए आंकड़ों को “मनगढ़ंत” करार देते हुए कहा कि यह मीडिया और जनता को गुमराह करने का सुनियोजित प्रयास है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल करने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने तथ्यों के साथ बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में **नेशनल हेराल्ड** को लगभग **एक करोड़ रुपये** के विज्ञापन जारी किए, जो औसत के अनुरूप है। इसके विपरीत, भाजपा के कार्यकाल के दौरान **भाजपा और संघ समर्थित पत्रिकाओं** को **लगभग 2.93 करोड़ रुपये** के विज्ञापन वितरित किए गए। इसमें *ऑब्जर्वर*, *पांचजन्य*, *मातृवंदना*, *दीपकमल संदेश*, *छात्र उद्घोष*, *विद्यार्थी निधि ट्रस्ट* और *तरुण भारत* जैसी पत्रिकाएं शामिल हैं।

चौहान ने भाजपा नेताओं की इस बात पर आलोचना की कि वे यह तक नहीं जानते कि **नेशनल हेराल्ड आज भी एक सक्रिय साप्ताहिक समाचार पत्र** के रूप में प्रकाशित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अंग्रेज़ी संस्करण दिल्ली से और हिंदी संस्करण ‘**संडे नवजीवन**’ के नाम से नियमित रूप से प्रकाशित होता है। मुम्बई संस्करण भी जारी है।उन्होंने भाजपा पर **केंद्र सरकार की एजेंसियों के दुरुपयोग** का भी आरोप लगाया और कहा कि गिरती लोकप्रियता से घबराकर भाजपा कांग्रेस और विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।

राहुल गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा उनसे डरी हुई है क्योंकि वे जनता के अधिकारों के लिए निर्भीकता से आवाज उठा रहे हैं।अंत में, नरेश चौहान ने विपक्ष से अपील की कि वे जनता के हितों के मुद्दों पर सहयोग करें और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाले भ्रामक बयानों से परहेज करें।