ग्राम परिवेश
हमीरपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने एनआईटी हमीरपुर में आयोजित शिक्षा महाकुंभ में शिरकत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय बाद जवाबदेही के प्रति समर्पित सरकार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, वह उनकी दूरगामी सोच और देशवासियों के प्रति विश्वास का प्रतीक है। भारत को आने वाले समय में सशक्त और विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से यह लक्ष्य राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति की भावना के साथ तय किया गया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए आत्मनिर्भर और विज्ञानमय भारत का निर्माण आवश्यक है। अंतरिक्ष, रक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र तक पहुंच चुका है और दुनिया की प्रमुख कंपनियों में भारतीय प्रतिभाएं अपनी क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। आज युवा देश में रहकर ही देश के लिए काम करना चाहते हैं, क्योंकि यहां उनके लिए अनुकूल वातावरण और बेहतर इकोसिस्टम विकसित हुआ है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और शोध को प्रोत्साहित करने के लिए विद्या भारती ‘शोधांकुर’ जैसे प्रयासों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। शिक्षा, प्रकृति और प्रगति के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए शिक्षा महाकुंभ के माध्यम से विद्या भारती की पहल सराहनीय है। इसकी शिक्षा पद्धति केवल ज्ञानार्जन तक सीमित नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण पर भी केंद्रित है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को आत्मकेंद्रित बनाने के बजाय राष्ट्र और मानवता की सेवा के लिए तैयार करना है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “हमारी वैदिक परंपरा में शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति और राष्ट्र निर्माण का साधन रही है। विकसित भारत की नींव सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निहित है। विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि सोचने, समझने, प्रश्न पूछने और समाधान खोजने की संस्कृति है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा को बढ़ावा देना आवश्यक है। इसके लिए एक संतुलित इकोसिस्टम विकसित करना होगा।”
उन्होंने कहा, “जब शिक्षा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त होगी, शिक्षक नवाचार के प्रेरक बनेंगे, विद्यार्थी शोध और समाधान के वाहक होंगे तथा तकनीक प्रकृति एवं समाज के कल्याण में योगदान देगी, तभी विज्ञानमय भारत विकसित भारत की वास्तविक नींव बनेगा।” इस दौरान उन्होंने शिक्षा महाकुंभ में विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत विभिन्न नवाचारों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कांग्रेस पर साधा निशाना, सुक्खू को दी अपनी पार्टी संभालने की नसीहत
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की बार-बार असफल होती राजनीतिक लॉन्चिंग से हताश कांग्रेस अब अराजकता का रास्ता अपना रही है और देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की जनता का विश्वास खो चुकी है, जबकि लोग नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के साथ चलना चाहते हैं। उन्होंने हालिया उपचुनावों में भाजपा को मिली जीत का उल्लेख करते हुए इसे अपने दावे के समर्थन में पेश किया।
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर देश का माहौल खराब करने और जनादेश के जरिए सत्ता हासिल करने में विफल रहने के बाद देश को अस्थिर करने का प्रयास करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के लिए ‘दिमागी नक्सली’ जैसे तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद वे अराजकता पर उतर आए हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के संबंध में पूछे गए सवाल पर जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा पर टिप्पणी करने के बजाय अपनी पार्टी और उसके नेताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सुक्खू को बार-बार दिल्ली के दौरे करने पड़ रहे हैं। अपने ही दल के नेताओं की तस्वीरें पोस्टरों से हटाकर उन्होंने पार्टी की एकजुटता की स्थिति खुद जाहिर कर दी है।
उन्होंने दावा किया कि हालिया चुनावों में प्रदेश की जनता ने भी सरकार के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें भाजपा की चिंता छोड़कर अपनी सरकार और पार्टी को संभालने पर ध्यान देना चाहिए।