100 और स्कूल सीबीएसई से जुड़ेंगे; 4,090 पैरा वर्कर होंगे नियुक्त, आंगनबाड़ी वर्करों और वन मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी

शिमला, 10 अक्टूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि, बागवानी, पर्यटन और आपदा राहत से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा वर्करों की नियुक्ति, 100 और स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने, विभिन्न विभागों में हजारों पद भरने तथा आंगनबाड़ी वर्करों, सहायिकाओं और वन मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिले की बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज, जलाशयों में मछली पालन करने वाले मछुआरों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना, शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की पेंशन बढ़ाने और दुग्ध प्रोत्साहन राशि दोगुनी करने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार, पुलिस एवं न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने, पर्यटन स्थलों के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

शिक्षा में विस्तार, हजारों पद भरने की तैयारी

मंत्रिमंडल ने 100 और स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने का निर्णय लिया। इस योजना के तहत 3,900 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण पद भरने को भी मंजूरी दी गई। स्कूलों में कार्यरत शेष एसएमसी शिक्षकों, जिनमें पीजीटी और टीजीटी शामिल हैं, के लिए सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) परीक्षा आयोजित की जाएगी।

सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत कंप्यूटर शिक्षकों के पद भी एलडीआर के माध्यम से भरने को मंजूरी दी गई। शिक्षा विभाग में बैकलॉग कोटे के तहत कॉलेज कैडर के 320 सहायक आचार्यों के पद भरे जाएंगे। विभाग में अनुकंपा के आधार पर 29 कनिष्ठ कार्यालय सहायकों (जेओए-आईटी) की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी गई।

मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग करने का निर्णय लिया। इसी विभाग में सहायक शिल्प अनुदेशकों, पॉलिटेक्निक सहायक व्याख्याताओं तथा इंजीनियरिंग एवं फार्मेसी के कनिष्ठ प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए नीति को मंजूरी दी गई। इसके तहत 40 सहायक व्याख्याताओं और 120 सहायक शिल्प अनुदेशकों के पद भरे जाएंगे।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत पीएम-पोषण योजना के रसोइयों-सह-सहायकों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।

जल शक्ति, लोक निर्माण और वन विभाग में नियुक्तियां

जल शक्ति विभाग में 4,090 पैरा वर्करों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और बहुउद्देशीय वर्कर शामिल हैं।

लोक निर्माण विभाग में 172 बहुउद्देशीय वर्करों तथा 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) के पद भरने को मंजूरी दी गई। वन विभाग में 10 रेंज वन अधिकारियों के पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त सहायक वन रक्षकों की नियुक्ति के लिए नीति को स्वीकृति दी गई, जिससे 500 पद भरने का मार्ग प्रशस्त होगा।

बागवानी विभाग में 40 बागवानी प्रसार अधिकारियों, पांच वरिष्ठ सहायकों और 10 बागवानी विकास अधिकारियों के पद भरे जाएंगे। पशुपालन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 116 पद भरने को मंजूरी दी गई।

स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूती

मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में 500 सहायक स्टाफ नर्सों के पद भरने को मंजूरी दी। स्वास्थ्य विभाग के आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 10 रेडियोग्राफरों के पद भी भरे जाएंगे।

चिकित्सा शिक्षा विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लीनिकल मनोवैज्ञानिक और छह परफ्यूजनिस्ट के पद भरने का निर्णय लिया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में 24 विशेषज्ञ एवं अति-विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के पद भरे जाएंगे।

कुल्लू में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) संस्थान के लिए 10 पद सृजित कर भरे जाएंगे। चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 60 सीटों वाला राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने दो स्वतंत्र सुपर स्पेशियलिटी विभाग—क्रिटिकल केयर मेडिसिन और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी—स्थापित करने का निर्णय लिया। इनके साथ रक्त आधान, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों को सुदृढ़ किया जाएगा तथा आवश्यक पद सृजित किए जाएंगे।

कांगड़ा जिले में पीएचसी दारिणी (रिड़कुमार) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। इसी जिले के संसाल में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। ऊना जिले के पंजोआ में भी नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक पद सृजित कर भरे जाएंगे।

शिमला जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुफवी में एक कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए-आईटी) और एक बहुउद्देशीय वर्कर का पद भरने को भी मंजूरी दी गई।

भर्ती, प्रशासन और पुलिस व्यवस्था में बदलाव

मंत्रिमंडल ने चार प्रतिशत दिव्यांगता आरक्षण कोटे के तहत विभिन्न श्रेणियों के 27 पद तथा 11 बहुउद्देशीय वर्करों के पद भरने को मंजूरी दी।

कोषागार, लेखा एवं लॉटरी विभाग में 18 सहायक कोषागार अधिकारियों के पद भरे जाएंगे। इसी विभाग में सात विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। राज्य के लिए अलग भर्ती निदेशालय स्थापित करने के प्रथम चरण में 14 विभिन्न श्रेणियों के पद सृजित कर भरे जाएंगे।

सहकारिता विभाग में दो कनिष्ठ रजिस्ट्रार और 30 सहायक निरीक्षकों के पद सृजित कर भरे जाएंगे। निर्वाचन विभाग में 13 निर्वाचन कानूनगो तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में दो उप-संपादकों के पद भरने को मंजूरी दी गई।

फॉरेंसिक सेवाएं निदेशालय में विभिन्न श्रेणियों के पांच पद सृजित कर भरे जाएंगे। कांगड़ा जिले के देहरा स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में एक मोटर वाहन निरीक्षक और एक जेओए-आईटी का पद भरा जाएगा।

शिमला जिले में ढली पुलिस थाना के अंतर्गत कोटी में नई पुलिस चौकी खोलने तथा विभिन्न श्रेणियों के आठ पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने कांगड़ा और मंडी में मादक पदार्थों एवं मन:प्रभावी पदार्थों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए दो विशेष न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया। इन अदालतों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई होगी।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के कर्मचारियों के गृह जिलों में और एक ही जिले के भीतर तबादलों को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उपसमिति गठित की गई। कृषि मंत्री चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी इसके सदस्य होंगे।

आंगनबाड़ी वर्करों, सहायिकाओं और वन मित्रों को राहत

मंत्रिमंडल ने आंगनबाड़ी वर्करों का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने को मंजूरी दी।

विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के मामले में आंगनबाड़ी वर्करों एवं सहायिकाओं की नियुक्ति के लिए वार्षिक आय सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने का निर्णय भी लिया गया।

वन मित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया जाएगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मासिक मानदेय में एक अप्रैल, 2026 से 500 रुपये की वृद्धि को मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने शत-प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों की मासिक पेंशन एक अप्रैल, 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने का निर्णय लिया।

होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों के लिए राष्ट्रपति मेधावी सहायता योजना के तहत अचानक उत्पन्न गंभीर संकट, बीमारी अथवा चोट की स्थिति में वित्तीय सहायता 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाएगी। मृत्यु होने की स्थिति में एक लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष पैकेज

कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। इसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 7.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता निर्धारित की गई है।

प्रभावित परिवारों को किराये के लिए 5,000 रुपये की सहायता और छह महीने तक मुफ्त राशन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

पशुधन और आजीविका के नुकसान की भरपाई के लिए भैंस की मृत्यु पर 55,000 रुपये तथा बकरी या भेड़ के नुकसान पर 15,000 रुपये दिए जाएंगे। मत्स्य पालन में हुए नुकसान के लिए एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया है। फसल क्षति के लिए 2,000 रुपये प्रति कनाल और कृषि भूमि को हुए नुकसान के लिए 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

दुग्ध उत्पादकों और मछुआरों के लिए अहम फैसले

मंत्रिमंडल ने दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत दूध पर दी जाने वाली सहायता तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने को मंजूरी दी। इससे प्रदेश के हजारों दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

डेयरी किसानों के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकारी विभागों को अपनी दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जरूरतें मिल्कफेड से पूरी करने के निर्देश देने का निर्णय लिया गया।

जलाशयों में मछली पालन करने वाले मछुआरों को लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत जलाशयों की मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाएगा। यदि नीलामी में मछली 100 रुपये प्रति किलोग्राम से कम कीमत पर बिकती है, तो राज्य सरकार अधिकतम 20 रुपये प्रति किलोग्राम तक सब्सिडी देगी।

मत्स्य पालकों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ ट्राउट जोखिम निधि योजना लागू करने को भी मंजूरी दी गई।

ग्रामीण विकास और जलवायु अनुकूल कृषि को अतिरिक्त धन

सोलन जिले में वर्षा आधारित कृषि को टिकाऊ और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अधिक सक्षम बनाने के लिए चल रही एकीकृत विकास परियोजना के विस्तार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इसके तहत वर्तमान परियोजना और उससे सटी अतिरिक्त ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को जारी रखने तथा विस्तारित करने के लिए 603 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश शिवा (HPSHIVA) परियोजना की अवधि जून 2028 के बाद दो वर्ष बढ़ाकर जून 2030 तक करने का निर्णय भी लिया।

बिजली परियोजनाओं, पर्यटन और शहरी सुविधाओं पर निर्णय

मंत्रिमंडल ने विकासकर्ताओं की गंभीरता की कमी के कारण पांच मेगावाट से कम स्थापित क्षमता वाली 33 लघु जलविद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही 126 मेगावाट की छतरू और 205 मेगावाट की रोपा-I एवं रोपा-III विद्युत परियोजनाओं के लिए नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।

राज्य में नौ ईको-टूरिज्म स्थलों का आवंटन करने को भी स्वीकृति दी गई। सुजानपुर के राज्यस्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा। सोलन जिले के बद्दी स्थित शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हमीरपुर जिले के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में आठ मंजिला बहुस्तरीय पार्किंग-सह-शौचालय परिसर का निर्माण किया जाएगा।

शिमला के छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास करने और लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए अंडरपास बनाने को भी मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने ऊना जिले के पीर निगाह मंदिर का प्रबंधन अपने अधीन लेने का निर्णय लिया। शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर राजीव गांधी राजकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, शिमला करने को भी स्वीकृति दी गई।

सड़क संपर्क और नागरिक सेवाओं को विस्तार

मंत्रिमंडल ने एंबुलेंस संपर्क सड़कों के डिजाइन, निर्माण और प्रमाणन के लिए दिशा-निर्देशों को मंजूरी दी। इसके तहत इन सड़कों को अलग श्रेणी के रूप में औपचारिक मान्यता मिलेगी, ताकि अधिकतम संभव क्षेत्रों तक सड़क संपर्क उपलब्ध कराया जा सके।

कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दारिणी में नया जल शक्ति अनुभाग खोलने और इसके लिए आवश्यक पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।

ऊना जिले की घनारी तहसील के गोकुल नगर और शिमला जिले की कोटखाई तहसील के फुफ्टू में केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण के लिए दो भूमि खंड भारत सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के पक्ष में हस्तांतरित किए जाएंगे।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश ई-स्टांपिंग नियम, 2026 में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे डिजिटल स्टांपिंग सेवाओं को वैधानिक मान्यता मिलेगी और उनका उपयोग सुगम होगा। इसके साथ ही साक्षी संरक्षण योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

खेल प्रतिभाओं और कर्मचारियों के हित में फैसले

मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों के हिमाचली खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने के प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी। संशोधित व्यवस्था के तहत पुरस्कार राशि हिमाचल प्रदेश के सभी पात्र पदक विजेता टीम सदस्यों में समान रूप से बांटी जा सकेगी, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित राशि के बराबर पुरस्कार मिलेगा।

वैकल्पिक रूप से पुरस्कार राशि आनुपातिक आधार पर भी वितरित की जा सकेगी, लेकिन प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को व्यक्तिगत पदक विजेता के लिए निर्धारित नकद पुरस्कार का कम से कम 25 प्रतिशत देना अनिवार्य होगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारियों (DYSO) के पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों की सुविधा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी निर्णय लिए। इसके तहत शिमला, मंडी और धर्मशाला स्थित कांगड़ा के पारिवारिक न्यायालयों में एक-एक निजी सचिव का पद सृजित किया जाएगा।

सहकारिता विभाग में पद सृजन और नियुक्तियों, भर्ती निदेशालय की स्थापना तथा विभिन्न विभागों में रिक्त पद भरने के फैसलों के साथ सरकार ने प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।

पोषण नीति और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

मंत्रिमंडल ने पोषण नीति, 2026 को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण आजीविका को मजबूती देने तथा नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

बैठक में लिए गए निर्णयों का व्यापक दायरा रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास तक फैला है। इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, स्वीकृत पदों पर भर्ती की समयबद्धता और लाभ पात्र लोगों तक पहुंचने के बाद किया जा सकेगा।

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