मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा



शिमला, 30 सितंबर। हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU), शिमला ने सोशल मीडिया पर रैगिंग की कथित घटना से संबंधित प्रसारित हो रही सामग्री पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि शिकायत पर सक्षम प्राधिकारी एंटी-रैगिंग नियमों और लागू कानूनों के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं तथा अब तक कोई अंतिम निष्कर्ष अथवा निर्णय नहीं लिया गया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार, उसे निखिल प्रकाश और अन्य लोगों पर रैगिंग किए जाने के आरोपों से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत फिलहाल विश्वविद्यालय के सक्षम अधिकारियों के विचाराधीन है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप इसकी जांच की जा रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।

विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता ने स्वतंत्र रूप से अर्की पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, एंटी-रैगिंग नियमों के तहत विश्वविद्यालय ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मामले की जानकारी धामी पुलिस चौकी को भी दी है।

HPNLU ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो, बयानों और अन्य सामग्री को लेकर भी सावधानी बरतने की अपील की है। विश्वविद्यालय का कहना है कि जांच के बीच ऐसी अपुष्ट सामग्री का प्रसार न केवल मामले को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है, बल्कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की प्रक्रिया पर भी अनावश्यक दबाव डाल सकता है।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि वह प्रत्येक शिकायत की जांच कानून, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और निर्धारित नियमों के अनुरूप करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच पूरी होने और तथ्यों के स्पष्ट होने के बाद ही मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय ने संबंधित सभी पक्षों से अपील की है कि वे जांच पूरी होने तक अपुष्ट सूचनाओं और सार्वजनिक बयानों के प्रसार से बचें, ताकि किसी भी पूर्वधारणा के बजाय तथ्यों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर मामले का निष्पक्ष निष्कर्ष सामने आ सके।

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