रामपुर बुशहर। स्वच्छता को केवल कूड़ा हटाने तक सीमित रखने के बजाय अनुपयोगी समझी जाने वाली वस्तुओं में उपयोगिता और सृजन की संभावनाएं तलाशना ही ‘स्वच्छता से समृद्धि’ की सार्थक सोच है। इसी विचार को जमीन पर उतारते हुए लूहरी जल विद्युत परियोजना चरण-I ने ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत राजकीय उच्च विद्यालय कोयल के विद्यार्थियों के लिए ‘वेस्ट टू वेल्थ—कबाड़ से जुगाड़’ प्रतियोगिता आयोजित की।
विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार तथा निगम मुख्यालय शिमला के एक्शन प्लान के अनुरूप 25 सितंबर को आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अनुपयोगी एवं अपशिष्ट सामग्री को अपनी कल्पनाशीलता और हुनर से उपयोगी व आकर्षक वस्तुओं का रूप दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि जिसे हम कबाड़ समझकर किनारे कर देते हैं, उसमें भी रचनात्मक सोच के सहारे उपयोगिता का नया जीवन तलाशा जा सकता है।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं, इसमें भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को उनकी सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग, संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना था। प्रतियोगिता ने बच्चों को यह समझने का अवसर दिया कि स्वच्छता केवल सफाई की प्रक्रिया नहीं, बल्कि संसाधनों के सम्मान और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली की जिम्मेदारी भी है।