मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा

हिमाचल की पर्यटन अर्थव्यवस्था को पंख देने और दुर्गम क्षेत्रों तक हवाई पहुंच मजबूत करने की दिशा में केंद्र-राज्य समन्वय को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात कर कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार, शिमला से नियमित हवाई सेवाओं और प्रदेश में हेलीपोर्ट नेटवर्क के विस्तार सहित विमानन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। केंद्रीय मंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट दो माह के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए, जबकि उड़ान योजना के तहत हिमाचल में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने पर सहमति जताई। शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था हिमाचल पुलिस को सौंपने के राज्य सरकार के प्रस्ताव पर भी केंद्र ने सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार का मामला प्राथमिकता से उठाते हुए कहा कि प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सुदृढ़ हवाई संपर्क आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई सेवाओं से पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है।

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की टेक्नो-इकोनॉमिक फीजिबिलिटी रिपोर्ट दो माह के भीतर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के लिए सक्षम सलाहकार नियुक्त कर निर्धारित समयसीमा में रिपोर्ट तैयार करवाने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो माह में रिपोर्ट तैयार होने से एयरपोर्ट विस्तार की आगामी प्रक्रिया को गति मिलेगी और परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से परियोजना की लागत का यथार्थपरक आकलन करने का आग्रह भी किया।

दुर्गम हिमाचल के लिए हेलीपोर्ट नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विकसित किए जा रहे हेलीपोर्ट का मुद्दा भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों तक त्वरित हवाई संपर्क उपलब्ध करवाने तथा आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव सेवाओं को गति देने के लिए हेलीपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने हेलीपोर्ट निर्माण के लिए केंद्र से वित्तीय सहयोग का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री ने उड़ान योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में हेलीपोर्ट निर्माण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने पर सहमति जताई।

शिमला एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों पर जोर

बैठक में शिमला एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों के संचालन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने शिमला को नियमित हवाई संपर्क उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। रनवे की क्षमता को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त विमानों के संचालन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने कांगड़ा एयरपोर्ट की तर्ज पर शिमला एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के स्थान पर हिमाचल प्रदेश पुलिस को सौंपने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हवाई संपर्क को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार, शिमला एयरपोर्ट से नियमित हवाई संपर्क और हेलीपोर्ट नेटवर्क का विस्तार प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को नई उड़ान देने के साथ-साथ दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी बेहतर और त्वरित हवाई संपर्क सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार तथा केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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