ग्राम परिवेश/मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा

शिमला। एसजेवीएन लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 को रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन, क्षमता विस्तार और परियोजनाओं की कमीशनिंग के लिहाज से उपलब्धियों का वर्ष करार दिया है। कंपनी की 38वीं वार्षिक आम बैठक में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने शेयरधारकों के समक्ष कंपनी के परिचालन, वित्तीय और रणनीतिक प्रदर्शन का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।

कॉरपोरेट मुख्यालय शिमला से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/ओएवी माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने बताया कि एसजेवीएन और उसकी अधीनस्थ कंपनियों ने वर्ष के दौरान 1730 मेगावाट स्थापित क्षमता जोड़ी, जबकि सभी परिचालनरत विद्युत स्टेशनों से 13,302.390 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया।

कंपनी के प्रमुख 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने कमीशनिंग के बाद कुल 150 अरब यूनिट विद्युत उत्पादन का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया। स्टेशन ने 96.84 प्रतिशत का प्रभावी संयंत्र उपलब्धता कारक हासिल किया। वहीं 412 मेगावाट के रामपुर जलविद्युत स्टेशन ने 2108 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया। 60 मेगावाट नैटवाड़ मोरी परियोजना ने भी 265.5 मिलियन यूनिट की डिजाइन ऊर्जा के मुकाबले 310.36 मिलियन यूनिट, यानी करीब 17 प्रतिशत अधिक उत्पादन किया।

वित्तीय प्रदर्शन भी मजबूत

भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कंपनी ने वित्तीय मोर्चे पर भी मजबूती कायम रखी। समेकित आधार पर राजस्व 3376.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 4722.81 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर पूर्व लाभ 1111.69 करोड़ रुपये से बढ़कर 1200.63 करोड़ रुपये पहुंचा। समेकित कर पश्चात लाभ 641.85 करोड़ रुपये रहा।

स्टैंडअलोन आधार पर कुल आय 3252.44 करोड़ रुपये से बढ़कर 3869.66 करोड़ रुपये और कर पश्चात लाभ 970.18 करोड़ रुपये से बढ़कर 1007.90 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने पहले भुगतान किए गए 1.15 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त 0.35 रुपये प्रति शेयर अंतिम लाभांश को मंजूरी दी। इस तरह वर्ष 2025-26 के लिए कुल लाभांश 1.50 रुपये प्रति इक्विटी शेयर रहा।

सौर से ताप तक बढ़ा दायरा

एसजेवीएन ने अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में भी उल्लेखनीय विस्तार किया। 1000 मेगावाट बीकानेर सौर विद्युत परियोजना ने पूर्ण क्षमता के साथ वाणिज्यिक परिचालन हासिल किया और अल्प अवधि में ही एक अरब यूनिट से अधिक संचयी उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया। असम की 70 मेगावाट धुबरी सौर परियोजना भी कमीशन हुई।

वहीं 1320 मेगावाट बक्सर ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट यूनिट-I के वाणिज्यिक परिचालन के साथ एसजेवीएन ने बड़े पैमाने के ताप विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रवेश किया। यूनिट-II का काम अंतिम चरण में है और इसके शीघ्र कमीशन होने की संभावना है।

निर्माणाधीन परियोजनाएं गति पर

निर्माणाधीन परियोजनाओं में भी वर्ष के दौरान प्रगति दर्ज की गई। नेपाल की 900 मेगावाट अरुण-3 जलविद्युत परियोजना में सिविल, हाइड्रो-मैकेनिकल, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल और ट्रांसमिशन कार्यों में पर्याप्त प्रगति हुई तथा परियोजना पूर्णता के करीब पहुंची।

हिमाचल की 382 मेगावाट सुन्नी बांध, 210 मेगावाट लूहरी चरण-I और 69.50 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजनाओं में भी चुनौतियों के बावजूद निर्माण कार्य आगे बढ़ा।

सामाजिक सरोकारों पर 30.72 करोड़

एसजेवीएन ने वित्तीय वर्ष के दौरान कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व एवं सतत विकास गतिविधियों पर 30.72 करोड़ रुपये खर्च किए। एसजेवीएन फाउंडेशन के माध्यम से परियोजना क्षेत्रों और आसपास स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास से जुड़ी पहल जारी रखी गईं।

कंपनी को मानव संसाधन प्रबंधन में स्कोप एमिनेंस अवॉर्ड, राजभाषा प्रभा अवॉर्ड, नेशनल क्लीन इंडस्ट्री अवॉर्ड्स-2025 और स्वच्छता पखवाड़ा अवॉर्ड्स-2025 सहित विभिन्न राष्ट्रीय सम्मानों से भी नवाजा गया। कंपनी ने डीपीई के तहत ‘उत्कृष्ट’ रेटिंग भी बरकरार रखी।

परिचालन क्षमता 4271.50 मेगावाट

वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती प्रदर्शन की जानकारी देते हुए गुप्ता ने बताया कि बिहार में 75 मेगावाट जमुई सौर ऊर्जा परियोजना कमीशन होने से कंपनी की स्थापित क्षमता में और वृद्धि हुई है। इसके साथ एसजेवीएन का परिचालन पोर्टफोलियो 4271.50 मेगावाट हो गया है।

उन्होंने भारत सरकार, राज्य सरकारों, मंत्रालयों, विभागों, शेयरधारकों और सहयोगी संस्थानों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निदेशक मंडल और कर्मचारियों का समर्पण कंपनी की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने 2030 तक भारत की 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य में योगदान देने की एसजेवीएन की प्रतिबद्धता दोहराई। 

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