
मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ ग्राम परिवेश
भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए एनएचपीसी लिमिटेड ने देश की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना सुबनसिरी लोअर हाइड्रोलिक प्रोजेक्ट की तीसरी इकाई (250 मेगावाट) के सफल वाणिज्यिक संचालन की घोषणा कर दी है। 20 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से प्रारंभ हुई यह इकाई अब राष्ट्रीय ग्रिड में 250 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का संचार कर रही है।
अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमा पर स्थित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक कुल 750 मेगावाट क्षमता क्रियाशील हो चुकी है, जो निर्धारित 2000 मेगावाट लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त प्रगति का संकेत है। यह उपलब्धि न केवल ग्रिड की स्थिरता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि पीक डिमांड के समय ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित करने और नवीकरणीय ऊर्जा के समेकन में भी अहम भूमिका निभाएगी।
27 फरवरी 2026 को सफल ट्रायल रन के बाद वाणिज्यिक संचालन तक पहुंची यह इकाई परियोजना की तकनीकी दक्षता और क्रियान्वयन क्षमता का प्रमाण है। इस अवसर पर एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता ने मिनिस्ट्री ऑफ़ पावर गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया तथा अरुणाचल प्रदेश और असम सरकारों के सतत सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने परियोजना दल के नेतृत्वकर्ता राजेंद्र प्रसाद सहित सभी संबंधित विभागों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे भारत के ऊर्जा क्षेत्र में लचीलापन और स्थायित्व को सुदृढ़ करने वाला मील का पत्थर बताया। साथ ही, उन्होंने विश्वास जताया कि यह उपलब्धि शेष इकाइयों के समयबद्ध संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
यह प्रगति न केवल ऊर्जा उत्पादन का विस्तार है, बल्कि हरित ऊर्जा की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता, तकनीकी आत्मविश्वास और भविष्य दृष्टिकोण का सशक्त उद्घोष भी है।