
शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2024-25 को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की दिशा में एक सुदृढ़, सर्वस्पर्शी और दूरदर्शी दस्तावेज़ बताया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार 13वां और महिला वित्त मंत्री का लगातार 9वां बजट बताते हुए अमृत काल का वह ‘अमृत-कलश’ करार दिया, जो देश को *अर्थ से सामर्थ्य* और *अंत्योदय से अभ्युदय* की ओर अग्रसर करता है।
शिमला स्थित पार्टी कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ बजट का सीधा प्रसारण सुनने के बाद जयराम ठाकुर ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है। लगभग 7 प्रतिशत की विकास दर और 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बुनियादी ढांचा निवेश के माध्यम से आईटी, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और नवाचार आधारित क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। 12.75 लाख रुपये तक की कर-मुक्त आय से मध्यम वर्ग को उल्लेखनीय राहत मिली है, जो घरेलू मांग और आर्थिक सक्रियता को बल देगी।
उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में ईको-टूरिज्म के तहत ‘ईको ट्रेल्स’ और *माउंटेन ट्रेल* जैसी पहलों को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया। उनके अनुसार, इससे पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, नए पर्यटन स्थल विकसित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर सृजित होंगे। यह बजट “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र को साकार करता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि ‘लखपति दीदी’ और ‘महात्मा गांधी हैंडलूम’ जैसी योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति और पारंपरिक बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है। कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट जैसे प्रावधान आम जन के स्वास्थ्य हितों को केंद्र में रखते हैं। एमएसएमई क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी योजना और नई ऋण व्यवस्थाओं से हिमाचल के फार्मा हब और उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्राकृतिक आपदाओं से जूझ चुके हिमाचल के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों की सहायता से विशेष वित्तीय सहयोग का आश्वासन, पुनर्निर्माण और भविष्य की आपदा-सहनीय संरचना के लिए मील का पत्थर साबित होगा। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत बजट आवंटन से कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को विस्तार मिलेगा।
कृषि और बागवानी के क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, प्राकृतिक खेती और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसे प्रस्ताव किसानों, बागवानों और पहाड़ी परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी सुदृढ़ करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि समावेशी विकास के इस बजट में गरीब कल्याण, किसान उत्थान, नारी सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट झलक है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से यह बजट हिमाचल प्रदेश को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की ठोस आधारशिला रखता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने संत शिरोमणि बाबा रविदास को श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।