मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ ग्राम परिवेश

8 अगस्त को राहुल गांधी ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में चुनाव अधिकार रैली को संबोधित करते हुए कर्नाटक सरकार को लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर वोट चोरी की तहकीकात करने को कहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांगी कि उन्हें  इलेक्ट्रॉनिक वोटर  डाटा और पोलिंग बूथ पर की गई वीडियो ग्राफी देने उपलब्ध करवाई जाए । चुनाव  आयोग ने राहुल गांधी के पांच सवालों का उत्तर देते हुए कहा कि डिजिटल मशीन वोटर लिस्ट को न देने के लिए न्यायालय के आदेश हैं। वीडियो एविडेंस को 45 दिन के अंदर लिया जा सकता है उसके बाद उन्हें खत्म कर दिया जाता है। यह कानून भाजपा सरकार ने बनाया है।बाकी प्रश्नों पर चुनाव आयोग ने चुप्पी साध ली है और कहा है कि  कांग्रेस ने पहले कभी लिखित शिकायत नहीं की है। इससे पहले राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव 2024 को हरण करने का आरोप लगाया है

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग द्वारा उपलब्ध करवाई गई लगभग सात फीट ऊंची मतदाता सूचियों और पीपीटी में संकलित तथ्यों के आधार पर सनसनीखेज दावा किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव जनता से छीन लिया गया।

करीब डेढ़ घंटे चली इस प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने सीधे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपों का जवाब चुनाव आयोग के बजाय भाजपा ने दिया — जिससे कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत का सीधा संकेत माना।

राहुल गांधी ने कहा, “देश के मतदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि जिन मतदाता सूचियों को मैंने सामने रखा, क्या वे चुनाव आयोग ने ही उपलब्ध करवाई हैं या नहीं?” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सूचियां स्वयं आयोग ने दी हैं और इस बात को उन्होंने 50 बार दोहराया। अब सवाल यह है कि यदि उनके आरोप झूठे हैं तो चुनाव आयोग कानूनी कार्रवाई कब करेगा? और अगर नहीं करता, तो देश मान ले कि आरोप तथ्यपरक और सही हैं।

गांधी के अनुसार, कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र महादेवपुरा में की गई सघन जांच से वोट चोरी के पाँच *“चोर रास्ते”* उजागर हुए—

1. डुप्लीकेट वोटर
2. फर्जी और अप्रमाणित पते
3. एक छोटे घर में 80 से अधिक वोट
4. फर्जी फोटो
5. फॉर्म 6 का दुरुपयोग

उनके विश्लेषण में सामने आया कि —

*11,965 वोट डुप्लीकेट हैं
* 4,009 वोट फर्जी/अप्रमाणित पते पर दर्ज हैं
* 10,452 वोट एक ही पते पर बल्क में दर्ज हैं
* 4,132 वोट अमान्य फोटो के साथ दर्ज हैं
* 33,692 मामले ऐसे हैं जिनमें व्यक्ति चार अलग-अलग पोलिंग बूथ पर वोटर सूची में दर्ज है

अपने ‌दावे तथ्य के साथ स्थापित करते हुए  राहुल गांधी ने *आदित्य श्रीवास्तव* का नाम पेश किया, जो कर्नाटक में दो, उत्तर प्रदेश में एक और महाराष्ट्र में एक पोलिंग बूथ पर पंजीकृत है — और इन सभी जगहों पर उसने वोट डाला।

राहुल गांधी ने एक छोटे से कमरे में 80 वोट दर्ज होने का आरोप लगाया जिसकी जांच पड़ताल इण्डिया टुडे की टीम ने मौके पर जा कर की‌ और राहुल गांधी के आरोप की सही ठहराया।

फॉर्म 6 के दुरुपयोग पर उन्होंने शगुन रानी का मामला रखा। 70 वर्षीय शगुन रानी ने दो महीनों में छह बार फॉर्म 6 भरकर दो अलग-अलग मतदाता पहचान पत्र बनवाए और दोनों पर वोट डाले। गांधी ने कहा, “नए वोटर के नाम पर बूढ़ों के वोट बनाए जा रहे हैं — यह लोकतंत्र के साथ सीधी धोखाधड़ी है।”

राहुल गांधी के इस विश्लेषणात्मक हमले ने न सिर्फ चुनाव आयोग बल्कि भाजपा की जवाबदेही पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आयोग इन आरोपों पर कार्रवाई करेगा या चुप्पी को ही अपनी प्रतिक्रिया मान लेगा। अगर  चुनाव आयोग शपथपत्र की आड़ में राहुल गांधी के सब सवालों अनुत्तरित कर देता है तो क्या न्यायालय स्वत: संज्ञान लेकर देश की एक अरब ‌चालिस करोड़ों नागरिकों को सच्चाई से रूबरू करवायेगा? किसी न किसी सांविधानिक संस्था को तो आरोपों की सच्चाई से भारत के लोगों को रूबरू करवाना चाहिए!

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