मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा
हरित ऊर्जा की दिशा में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करते हुए एसजेवीएन ने राजस्थान के बीकानेर में 1000 मेगावाट क्षमता वाली सौर परियोजना के एक और चरण — 78.23 मेगावाट — को सफलतापूर्वक वाणिज्यिक संचालन में ला दिया है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि वर्ष 2030 तक भारत के 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा लक्ष्य में एक सशक्त योगदान भी है।

फोटो इंटरनेट से ली गई है।
एसजेवीएन की पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी **एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल)** ने 1000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना के अंतर्गत 78.23 मेगावाट की क्षमता की वाणिज्यिक प्रचालन तिथि (COD) को आज सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है।

इससे पहले इस परियोजना के 241.77 मेगावाट (चरण-1)को 2 अप्रैल 2025 को वाणिज्यिक रूप से चालू किया गया था।परियोजना का लक्ष्य और लाभइस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही तक पूरी तरह कमीशन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

परियोजना के पूर्ण होने पर एसजीईएल द्वारा उत्पादित सौर ऊर्जा की आपूर्ति राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर और उत्तराखंड जैसे राज्यों को की जाएगी, जिससे इन राज्यों की हरित ऊर्जा ज़रूरतों को मजबूती मिलेगी।बीकानेर जिले में स्थापित यह परियोजना भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की सीपीएसयू योजना – चरण II, ट्रेंच IIIके तहत विकसित की जा रही है। यह योजना देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।

मेक इन इंडिया’ को भी मिलेगा बलयह परियोजना डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट (DCR) मोड के अंतर्गत कार्यान्वित हो रही है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को सीधा समर्थन मिलेगा। इसका उद्देश्य देश के स्थानीय सौर विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहन देना और विदेशी निर्भरता को कम करना है।