
मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल घुमारवीं केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि संस्कारों, संकल्पों और संभावनाओं का वह जीवंत केंद्र है, जहां शिक्षा का अर्थ अंकों की प्राप्ति से कहीं आगे जाकर व्यक्तित्व के समग्र विकास में निहित है। यहां से निकले छात्र-छात्राएं केवल परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि और सेना जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए वैश्विक दृष्टि और मानवीय मूल्यों के संवाहक बनते हैं। वे जहां भी पहुंचते हैं, अपने आचरण और उपलब्धियों से संस्थान की पहचान को ऊंचाइयों तक ले जाते हैं, और सफलता के शिखर पर भी अपने गुरुजनों व विद्यालय के प्रति कृतज्ञता का भाव संजोए रखते हैं।
इसी सशक्त परंपरा और प्रेरणादायी शैक्षिक संस्कृति की एक उज्ज्वल कड़ी बनकर उभरी हैं महक शर्मा, जिनकी उपलब्धि ने न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
घुमारवीं में मंगलवार को मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में एक सादे किन्तु गरिमामय समारोह में संघ लोक सेवा आयोग की सीडीएस (प्रथम) 2025 परीक्षा में देशभर में 24वां स्थान प्राप्त करने वाली पूर्व छात्रा महक शर्मा को सम्मानित किया गया।

प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल, मिनर्वा स्टडी सर्कल के सीएमडी राकेश चंदेल तथा समस्त स्टाफ ने महक को स्मृति-चिन्ह और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके दादा हरबंस लाल और दादी रोशनी देवी की उपस्थिति ने समारोह को पारिवारिक ऊष्मा से भर दिया।
महक शर्मा बिलासपुर जिले की पहली महिला लेफ्टिनेंट बनने जा रही हैं। विशेष उल्लेखनीय है कि उनके छोटे भाई शिव मंथन का भी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन हुआ है, जो वर्तमान में पुणे में प्रशिक्षणरत हैं।
महक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और अभिभावकों को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन, विश्वास और सतत सहयोग ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उनका चयन चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में प्री-कमीशन प्रशिक्षण के लिए हुआ है, जहां एक वर्ष के प्रशिक्षण उपरांत वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त होंगी।
उल्लेखनीय है कि महक के पिता चमन लाल शर्मा घुमारवीं में कमल प्रिंटिंग प्रेस व कमल नर्सरी के संचालक हैं, जबकि माता शशि कुमारी गृहिणी हैं। महक ने अपनी दसवीं तक की शिक्षा मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घुमारवीं से ही प्राप्त की है।
महक शर्मा ने कहा कि सफलता का फ्यूल मिनर्वा से ही मिला — महक शर्मा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय मिनर्वा शिक्षण संस्थान को देते हुए कहा कि उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा, दिशा और आत्मविश्वास यहीं से मिला। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सतत मार्गदर्शन उन्हें लक्ष्य के प्रति केंद्रित रखता रहा और हर चुनौती को अवसर में बदलने की शक्ति देता रहा।
ये गौरव की बात है कि इस वर्ष मिनर्वा के दो छात्रों ने पास की सीडीएस परीक्षा
प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल ने बताया कि इस वर्ष विद्यालय के दो पूर्व छात्रों—महक शर्मा और सौरभ—ने सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन पाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।