मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा/ग्राम परिवेश 

शिमला। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने साफ शब्दों में चेताया कि फोरलेन निर्माण में हो रही बेतरतीब और अव्यवस्थित कार्यप्रणाली अब और नहीं चलेगी। यदि हालात नहीं सुधरे तो केवल स्थानीय अधिकारी ही नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों तक पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मंत्री ने याद दिलाया कि यह पहली बार नहीं है जब NHAI की कार्यशैली पर उंगली उठी हो। कीरतपुर-नेरचौक, पठानकोट-मनाली और पांवटा-हाटकोटी जैसे प्रोजेक्ट पहले ही स्थानीय जनता की पीड़ा और विध्वंसकारी कटान के चलते सवालों के घेरे में रहे हैं। गांव-गांव में शिकायतें उठीं, कहीं मुआवज़ा वितरण में अनियमितताएं, कहीं अलाइनमेंट बदलकर जनहित को ठेस पहुंचाई गई, तो कहीं अवैज्ञानिक कटान से पहाड़ों को असुरक्षित बना दिया गया। प्रभावित जनता की आवाज़ बार-बार दबाने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई बार-बार उजागर होती रही।

अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान पांवटा-हाटकोटी हाईवे (NH-707) का जिक्र करते हुए कहा कि यहां भी वही दुहराई गई गलतियां हो रही हैं। प्रभावित लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं और पुलिस तक मामले पहुंचे हैं, मगर जिम्मेदार एजेंसी जवाबदेही से भागती नज़र आती है।

उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सरकार जनता की पीड़ा को अनसुना नहीं करेगी। अव्यवस्थित निर्माण, अंधाधुंध कटान और दबाव बनाने की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अधिकारी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कदम उठाना तय है।

मंत्री ने साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली से लौटते ही यह मुद्दा उनके सामने रखा जाएगा। सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि हिमाचल की धरती पर विकास के नाम पर अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और मनमानी को अब और जगह नहीं मिलेगी।

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