टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की प्रबंधन दक्षता और तकनीकी बौद्धिकता का समवेत स्वरूप टिहरी में वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट के ऐतिहासिक प्रचालन में प्रकट हुआ। यह उपलब्धि केवल ऊर्जा उत्पादन नहीं, बल्कि नवाचार, संकल्प और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के शिखर पर पहुँची दूरदृष्टि का परिचायक है।

ऋषिकेश, 4 जून 2025: देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को नई ऊँचाई देते हुए, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने टिहरी, उत्तराखंड में 1000 मेगावाट की वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना (पीएसपी) की प्रथम 250 मेगावाट यूनिट की सफल सीओडी (कमर्शियल ऑपरेशन डेट) प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यह परियोजना भारत का पहला और सीपीएसई द्वारा निर्मित सबसे बड़ा वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज प्लांट बन गई है।

केंद्रीय विद्युत तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने वर्चुअल माध्यम से यूनिट के प्रचालन का उद्घाटन करते हुए इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में “एक साहसिक और निर्णायक छलांग” बताया। उन्होंने कहा कि वेरिएबल स्पीड तकनीक ऊर्जा प्रवाह में सटीकता और ग्रिड लचीलापन प्रदान करती है, जो स्मार्ट ऊर्जा भविष्य का आधार बनेगी।

कार्यक्रम में विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल, अपर सचिव आकाश त्रिपाठी, एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह और टीएचडीसीआईएल के सीएमडी आर.के. विश्नोई सहित कई प्रतिष्ठित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस परियोजना को भारत के ऊर्जा परिदृश्य में “तकनीकी उत्कृष्टता की मिसाल” बताया।

सीएमडी विश्नोई ने कहा कि परियोजना पूर्ण रूप से क्रियाशील होने पर टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स की कुल क्षमता 2400 मेगावाट हो जाएगी, जिससे यह देश का सबसे बड़ा हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स बन जाएगा। यह ऑफ-पीक ऊर्जा का बेहतर उपयोग, ग्रिड स्थायित्व और 24×7 विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य को सार्थक बनाएगा।

इस परियोजना की सफलता के पीछे निदेशक (कार्मिक) शैलेन्द्र सिंह की रणनीतिक दृष्टि और समन्वयकारी नेतृत्व भी उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने न केवल मानव संसाधन की दक्षता को दिशा दी, बल्कि समस्त टीम को साझा उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ते हुए इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को साकार किया।

इस परियोजना की वेरिएबल स्पीड यूनिट और पावर कंट्रोल सिस्टम “GE Vernova” द्वारा आपूर्ति किए गए हैं, जो वैश्विक ऊर्जा तकनीक में अग्रणी है। कार्यक्रम में HCC, GE Vernova और विद्युत क्षेत्र के अन्य प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ टीएचडीसीआईएल ने भारत को नवीकरणीय ऊर्जा के वैश्विक मंच पर अधिक सशक्त और सक्षम राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *