
ग्राम परिवेश /मोहिंद्र प्रताप सिंह राणा
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां 5 मई 2026 को जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन एवं समिति प्रणाली की समीक्षा बैठक में भाग लेने के लिए 4 मई को प्रातः 11 बजे शिमला से प्रस्थान करेंगे। वे चंडीगढ़ से वायुमार्ग द्वारा जयपुर पहुंचेंगे।
यह सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संरचना के मंथन का एक गंभीर मंच है, जहाँ विधान मंडलों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने पर विचार-विमर्श होगा। इस संदर्भ में ओम बिड़ला अध्यक्ष लोक सभा द्वारा समिति प्रणाली के सुदृढ़ीकरण हेतु 6 राज्यों के पीठासीन अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
इस समिति के सभापति नरेंद्र सिंह तोमर हैं, जबकि सदस्यों में सतीश महान, कुलदीप सिंह पठानियां, सूरमा पाधे, वासुदेव देवनानी तथा मींगम नोरबू शेरपा शामिल हैं।
समिति का मूल उद्देश्य राज्य विधान मंडलों में समिति प्रणाली को अधिक सशक्त, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाना है। 5 मई को होने वाली बैठक में इस प्रणाली की गहन समीक्षा की जाएगी और व्यापक विचार-मंथन के उपरांत अपनी सिफारिशों सहित विस्तृत रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।
कुलदीप सिंह पठानियां का इस उच्च स्तरीय समिति में चयन न केवल उनके संसदीय अनुभव और सक्रिय भूमिका का प्रमाण है, बल्कि यह प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय है—क्योंकि 28 राज्यों में से केवल 6 विधानसभाओं के अध्यक्षों को ही इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए चुना गया है। पीठासीन अधिकारियों के मंच पर उनकी निरंतर प्रभावी भागीदारी ने उन्हें इस जिम्मेदारी के केंद्र में स्थापित किया है।
इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सचिव यशपाल शर्मा भी भाग लेने हेतु जयपुर जा रहे हैं।
यह बैठक केवल प्रक्रियाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोकतंत्र की कार्यशैली को और अधिक उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल मानी जा रही है।