
ज्ञान ठाकुर
शिमला, 01 अप्रैल।
हिमाचल में चिट्टे के अवैध कारोबार से जुड़े लोग पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इन लोगों के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के मकसद से सरकार ने पंचायती राज कानून में संशोधन की तैयारी कर ली है। बुधवार को पंचायती राज संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा में पेश किया गया। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की गैरमौजूदगी में नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने विधेयक को सदन में पेश किया। अभी विधेयक पर चर्चा होनी है।
विधेयक के संशोधन के मसौदे में पंचायतों में ग्राम सभाओं में कोरम की संख्या को भी कम किया गया है। कोरम के अभाव में बार बार पंचायतों में ग्राम सभाएं संपन्न नहीं हो पाती। नतीजतन कई अहम कार्य लटक जाते हैं। लिहाजा सरकार ने इस दिक्कत को समाप्त करने के मकसद से कोरम की संख्या को पंचायत की आबादी का 10 वां हिस्सा अथवा कम से कम 30 सदस्य होना आवश्यक कर दिया है। अर्थात ग्राम सभा की बैठक में पंचायत के 30 वाशिंदों के उपस्थित होने पर भी कोरम माना जाएगा।

बॉक्स
हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक पेश
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बुधवार को सदन में हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक पेश किया। संशोधन का मकसद प्रदेश में लिफ्ट के साथ साथ एस्कलेटर्स व ट्रैवलेटर्स का प्रचलन बढऩा है। लिफ्ट व एस्केलेटर्स का प्रचलन बढऩे से यात्रियों की सुरक्षा के साथ साथ अन्य औपचारिकताएं पूरी करने जैसे लिफ्ट ऐस्केलेटर्स अथवा ट्रैवलेटर्स की स्थापना की मंजूरी, स्थापना के बाद इसको चलाने के लाइसेंस के नवीनीकरण, सुरक्षा मानकों की जांच का प्रावधान भी कानून में किया जा रहा है।